किन्नौर हादसा: अगर पासिंग को लेकर बहस नहीं होती तो बच जाती कई जानें

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हिमाचल प्रदेश में बीते कल पहाड़ी दरकने की वजह से बस समेत कई वाहन मलबे की चपेट में आए हैं। जिस वजह से करीब 15 लोगों की जान चली गई। वहीं, अभी भी बहुत से लोगों की मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। इस सब के बीच हादसे से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिसके अनुसार इस हादसे का कारण सिर्फ प्राकृतिक आपदा ही नहीं बल्कि मानवीय चूक भी है, जिसकी वजह से लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।

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किन्‍नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा लोगों का कहना है कि इस जगह पर दो छोटी गाड़ियों में पासिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिससे यहां पर जाम लगा था। उधर चट्टानें खिसक रही थीं, इसी बीच भारी भूस्खलन हुआ और हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सहित वहां खड़ी गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं और गाड़ियों व लोगों को भागने व बचने का समय ही नहीं मिला। इस जगह पासिंग की जगह नहीं थी। 

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विधायक ने कहा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस की गश्त होनी चाहिए, ताकि इस तरह से हादसों से बचा जा सके। इस हादसे न‍े जिला ही नहीं पूरे प्रदेश व देश को हिला दिया है। घटना स्थल पर मौजूद लोगों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह हादसा दो चालकों के बीच पास को लेकर हुई कहासुनी की वजह से पेश आया है। कहासुनी के चलते दोनों चालकों में से कोई भी मौके पर से वाहन हटाने के लिए तैयार नहीं था। जिस वजह से घटनास्थल पर बहुत से वाहन एकत्रित हो गए और जाम लग गया। 

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इस दौरान पहाड़ी दकरने की वजह से नीचे खड़े वाहन पलभर में मलबे की चपेट में आ गए। बताया ये भी जा रहा है कि घटनास्थल पर काफी वाहन मौजूद थे। जिन्होंने पहाड़ी से पत्थर गिरते देख तत्परता दिखाते हुए अपने वाहनों को पीछे हटा दिया। वहीं, इस हादसे की आ रही ताजा अपडेट के अनुसार मलबे से 15 शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, अभी भी बहुत से लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

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