टेंडर से पहले ही ख़रीद ली 27 लाख की टोयोटा गाड़ी और लॉक डॉउन में जारी हो गया नंम्बर : भूपेंद्र सिंह

0
65

Himachal VOICE ब्यूरो। धर्मपुर मण्डल में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत  ख़रीदी गयी तीन गाड़ियों के बारे में कई और तथ्य सामने आए हैं।केंद्र सरकार द्धारा जल जीवन मिशन के तहत धर्मपुर मण्डल के लिए 3474 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं जिसके अंतर्गत कमलाह और मण्डप क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए पेयजल स्कीमों के निर्माण व विस्तार के लिए चंडीगढ़ की यूनीप्रो एंटरपरिजिज कंपनी को 121.93 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।जिसमें से जलशक्ति मण्डल भराड़ी धर्मपुर द्धारा ख़रीदी गयी 27 लाख रुपये की लग्ज़री टोयटा क्रियटा गाड़ी के लिए भी बजट आवंटन इसी के तहत किया गया है।इस गाड़ी कि ख़रीद और इस्तेमाल को लेकर पिछले कुछ दिनों से कई सवाल खड़े हुए हैं और इसे सरकार की फ़िजूल खर्ची और गाड़ी का इस्तेमाल मन्त्री के बेटे व बेटी द्धारा किये जाने पर खबरें प्रकाशित हुई हैं।  

सूचना के अधिकार क़ानून से जुटाई गई जानकारी के आधार पर ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने इस गाड़ी के बारे में कई और ख़ुलासे किये हैं उन्होंने बताया कि धर्मपुर मण्डल के तहत तीन गाड़ियां क्रय करने के लिए 30 अप्रैल 2020 को चंडीगढ़ की यूनीप्रो नामक कंपनी को दिए गए 121.93 करोड़ के टेंडर के तहत विभाग को सप्लाई करने का प्रावधान किया गया था।

इस टेन्डर में ही तीन गाड़ियां दो मेहन्द्रा बोलेरो और एक इनोवा टोयटा गाड़ी कंपनी द्धारा विभाग को सप्लाई करने के लिए 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था। विभाग द्वारा इसके लिए 16 मार्च को ऑनलाईन टेन्डर कॉल किया था और 19 मार्च को उसे खोला गया था और 24 अप्रैल को प्रधान अभियंता जलशक्ति विभाग शिमला से हुई समझौता वार्ता के बाद 30 अप्रैल को  एक्सईएन धर्मपुर भराड़ी ने टेंडर यूनीप्रो कम्पनी को आवंटित किया था। 

लेक़िन जो टोयटा गाड़ी ख़रीदी गई है उसे 4 मार्च 2020 को टेम्परेरी नंम्बर के साथ ही शिमला ट्रांसफर करने के आदेश जारी हो गए थे और इस गाड़ी को धर्मपुर एस डी एम द्वारा हिमाचल सरकार द्धारा कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए 23 मार्च से लगाये गए लॉकडॉउन के तीसरे दिन  अर्थात 25 मार्च को HP86-0006 जलशक्ति मंत्री का पसंदीदा वीआईपी नंम्बर भी अलॉट कर दिया था जिसके लिए एक लाख रुपये शुल्क जमा किया गया था।

अब सवाल ये उठता है कि इस गाड़ी को सप्लाई करने वाले टेंडर का आवंटन 30 अप्रैल को एक्सईएन धर्मपुर ने किया है लेकिन गाड़ी जल शक्ति मन्त्री को ट्रांसफर करने करने के आदेश 4 मार्च को ही हो गये थे और 25 मार्च को गाड़ी पंजीकृत भी हो गई है।

अब ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने ये सवाल उठाया है कि ये गाड़ी बिना टेंडर आवंटन से पहले ही कैसे ख़रीदी गई है और कैसे जलशक्ति मन्त्री को आवंटित हो गई जबकि मन्त्री के पास पहले ही तीन सरकारी गाड़ियां उपलबध थी उन्होंने इसकी इसकी जाँच करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।

भूपेंद्र सिंह ने ये भी आरोप लगाया है कि जिस कम्पनी को धर्मपुर में करोड़ो रूपये के टेंडर जारी हुए हैं उसे हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों में भी जलशक्ति विभाग द्धारा करोड़ों रुपये के टेंडर दिये गए हैं और टेंडर इस कंपनी को ही देने में विभाग के मन्त्री की भूमिका बारे में पहले भी सवाल उठे हैं और मामला दिल्ली हाई कमांड तक भी पहुंचा है। लेकिन अभी तक इस बारे न तो पार्टी स्तर पर औऱ न ही सरकार के स्तर पर कोई कार्यवाई हुई है। प्रदेश में अरबों रुपये खर्च करने वाले विभाग  के मन्त्री की कर्यप्रणाली बारे मुख्यमंत्री भी आंखे बंद किये हुये हैं जो उनकी अक्षमता औऱ कमज़ोरी को ही प्रदर्शित कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here