डिलीवरी के 6 घण्टे बाद ही महिला को भेज दिया घर, जिला परिषद सदस्य ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

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जोगिन्दरनगर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व जिला परिषद सदस्य अधिवक्ता जीवन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में और जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र जहां से दो-दो प्रतिनिधि विधायक व सांसद हैं, वहां के नागरिक अस्पताल में फिर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सुरक्षा के नाम पर महिलाओं के साथ जानवरों से बद्दतर व्यवहार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 7 सितंबर 2020 को सुबह चार बजे बीपीएल परिवार से सम्बंधित एक महिला प्रियंका देवी एक बेटी को जन्म देती है और अस्पताल से उसी सुबह 10 बजे उसे बिना एंबुलेंस का प्रबंध किए प्रसूता के 6 घंटे के बाद ही एक नवजात बेटी तथा एक 3 साल की बेटी के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। अकेली महिला को अपने घर प्रसूता होने के 6 घंटे बाद ही किराये की टैक्सी करके और उसके बाद एक घंटे का पैदल सफर करके नवजात शिशु व 3 साल की बेटी के साथ घर पहुंचना पड़ा, क्योंकि महिला के घर गांव तक सड़क नहीं है। द्रुब्बल पहुँचने पर द्रुब्बल पंचायत के उप-प्रधान देशराज शर्मा ने महिला को द्रुब्बल से उसके घर छोड़ने में मदद की।

उन्होंने कहा की महिला प्रियंका का पति कोरोना पॉजिटिव आया है और वह नेरचौक अस्पताल में है, जबकि महिला की सास होम क्वारन्टीन है। अब इस महिला को अकेले ही अपनी 3 साल की बेटी और नवजात बेटी की हिफाजत करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह का अमानवीय व जानवरों जैसा व्यवहार पहले भी एक महिलाओं के साथ हो चुका है। महिलाओं के प्रति यह जानवरों जैसा व्यवहार एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने उपायुक्त महोदय व सरकार से निवेदन किया है कि इस तरह की घटनाओं को हर बार नजरअंदाज किया जा रहा है इसलिए प्रशासन की लापरवाही से आम गरीब परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जीवन ठाकुर ने द्रुब्बल पंचायत के उप-प्रधान देशराज शर्मा का आभार जताया है जिन्होंने इस महिला को द्रुब्बल से उसके घर छोड़ने में मदद की।

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