बी मां का सोहलवे दिन किया विधिवत संगीत गाकर विसर्जन

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विकास खण्ड आनी के विभिन्न व्राह्मण बहुल गांव में सोमबार को भारतीय हिन्दू समाज का बी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया।इस पर्व पर आनी के ब्राह्मण ग्राम थबोली में परमपरिक भेषभूषा पहनकर पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।गांव की समस्त महिलाएं मंगल गीत गाते हुए अपने घरों से अपने हाथ में बी मां को उठाए गांव की प्राचीन वावड़ी तक एक साथ झांकी निकलती है। तथा बी मां का विसर्जन जल में किया जाता है ।

गांव की वरिष्ठ महिलाएं  समूह में सोलह दिन तक कथा सुनाते है। इस परम्परागत पर्व  जेष्ठ महा में मनाया जाता है। सभी महिलाएं अपने वर्षभर की मन ,वचन व कर्म के लिए शुभ कार्य किए जाने के लिए मनाया जाता है। इसी दिन लकड़ी के एक फट्टे पर सोलह दिन में एकत्र की ध्रुवा  का विसर्जन किया जाता है। प्रत्येक सोलह दिन रोज़ाना बी मां की पूजा की जाती है।

आज बी मां विसर्जन का दिन है , इस पर्व को पूरे विधि विधान के साथ जल विसर्जित किया जाता है।जानकर महिलाओं के अनुसार इस पर्व का आरम्भ प्राचीन काल से  बी माँ के विभिन्न रूपों  में  माना जाता है। हर रोज नई नई कहानियों का श्रवण किया जाता है आज अंतिम दिन बोलू भट की कहानी सुनाई जानती है। इस दिन आटे के गोल आकर के मीठे फ्रुगलु प्रसादे के रूप में बच्चो बजुर्गों में बाटें जाते है। 

परम्परा को कायम रखते हुए सभी माताएं जहां बी मां की प्रतिष्ठा करती हैं तो वहीं अपने बच्चों भी इस पर्व को बड़े हर्षोल्लास से मनाते है,ताकि वर्षभर सभी प्रकार के विघ्नों से उनकी रक्षा हो सके तो वहीं पूरे विधान से बी मां का पूजन करती हैं।यह पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस पर्व को आनी खण्ड के ब्राह्मण समुदाय की महिलाएं मनाती है।

इस पर्व को मनान थबोली, हरिबाग, काराणा, जलोड़ी बटाला, ठोगी, शेमशा, ओलवा ,रिवाड़ी, चोपोल,रों घोहानं आदि गांव की महिलाएं हर्षित होकर मनाती है। बी मां के पर्व के अवसर पर पूरे क्षेत्र के लिए सुख,समृद्धि,वीमारियों से मुक्ति व ऐश्वर्य का वरदान मांगा जाता है।

इस अवसर पर  हरिबाग गांव की समस्त महिलाएं द्रौपदी देवी, अनिता देवी, गीता देवी, तारा देवी, मधु शर्मा, रत्ना शर्मा, नेहा शर्मा, चंपू देवी, पलवी, विभूति देवी, प्रकृति देवी, नितिका शर्मा आदि ने बी मां के विसर्जन में भाग लिया।

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