बेदर्द कोरोना ने भाई-बहन के सिर से छीन लिया माँ-बाप का साया

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गम के कारण पथराई हुई आंखे जिनमें अब दु:ख प्रकट करने के लिए शायद पानी भी नहीं रहा है। घर के बरामदे में बैठकर बच्चों की कोमल आंखें बस शायद यही कह रहीं हो कि कहीं से उन्हे अपने खोये हुए मां-बाप की बस एक झलक देखने को मिल जाए।

ये दु:खद भरा मंजर था जोगिन्दर नगर उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत भडयाड़ा के गांव डकबगड़ा का। जहां कोविड 19 महामारी ने 16 व 9 वर्षीय दो बच्चों से उनके मां-बाप को पलक झपकते ही छीन लिया। उन्हे मां-बाप के एक साथ खोने का मानो विश्वास ही नहीं हो रहा है कि एक सप्ताह पूर्व तो सब ठीक था, लेकिन कोरोना महामारी ने परिवार को एक झटके में बिखेर कर रख दिया।

दूसरी तरफ बूढ़ी मां को भी विश्वास नहीं हो रहा है कि महज चंद दिन पूर्व उनका परिवार भरा-पूरा था आज सन्नाटा पसरा हुआ है। शायद उनकी आत्मा ईश्वर से कह रही हो कि आखिर ये दु:ख भरे पल उसके हिस्सें में क्यों लिख दिये हैं।

यह दु:खद व बेहद मार्मिक नजारा था उस समय का जब एसडीएम जोगिन्दर नगर अमित मैहरा कोविड 19 संक्रमण के चलते अनाथ हुए बच्चों से मिलने उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होने कोविड 19 संक्रमण के चलते मां-बाप खोने वाले बच्चों को ढ़ांढस ही नहीं बंधाया बल्कि हौंसला भी दिया तथा पीडि़त परिवार के अन्य परिजनों से भी बातचीत की। इस दौरान उनके साथ पुलिस थाना प्रभारी जोगिन्दर नगर संदीप शर्मा भी मौजूद रहे।

इस बात की पुष्टि करते हुए एसडीएम जोगिन्दर नगर अमित मैहरा ने कहा कि कोविड 19 संक्रमण के चलते आज वे ग्राम पंचायत भडयाड़ा के गांव डकबगड़ा में अपने मां-बाप खोने वाले बच्चों जिसमें 16 वर्षीय विशाल तथा 9 वर्षीय परी शामिल है से मिलकर इस दु:खद समय में उनका हौंसला बढ़ाया तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।

कोविड 19 संक्रमण के चलते अनाथ हुए इन बच्चों से मिलकर उन्हे प्रशासन व प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव मदद दिलवाने का भी भरोसा दिया। साथ ही कहा कि सरकार की अनाथ बच्चों के लिए शुरू की गई फोस्टर केयर योजना के तहत इन्हे लाभान्वित करने का प्रयास भी किया जाएगा ताकि इनकी परवरिश में परिवार के दूसरे सदस्यों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

अमित मैहरा ने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में पूरा प्रशासन व सरकार इस शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है तथा इन्हे हरसंभव मदद प्रदान करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा आने वाले समय में इन बच्चों के साथ-साथ परिवार के दूसरे लोगों का भी कोविड टैस्ट करवाया जाएगा तथा जरूरत पडऩे पर इनकी स्वास्थ्य देखभाल में भी स्थानीय प्रशासन द्वारा पूरी सहायता की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि कोविड 19 संक्रमण के चलते इस परिवार के दंपति लगभग 45 वर्षीय प्यार चंद तथा 36 वर्षीय प्यार चंद की पत्नी सुनीता का पिछले दिनों दु:खद निधन हो गया है तथा ये दंपति अपने पीछे 16 वर्षीय बेटे विशाल तथा 9 वर्षीय बेटी परी को छोड़ गए हैं। सुनीता देवी ने होम आइसोलेशन में ही दम तोड़ दिया था जबकि इनके पति प्यार चंद की नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।

इस बेहद दु:खद घटना को लेकर पूरा गांव ही नहीं बल्कि पूरा क्षेत्र स्तब्ध है तथा हर कोई अपना दु:ख प्रकट कर रहा है। इस अवसर पर बीडीओ चौंतड़ा विवेक चौहान तथा पंचायत प्रतिनिधि भी शामिल रहे।

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