पंजाब में भाखड़ा-पौंग डैम के गेट खुले, गांवों में बाढ़: लोगों का आरोप- पानी छोड़ने की ना तो सूचना दी, ना सुरक्षित जगह पहुंचाया

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पंजाब।। पंजाब में एक बार फिर से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भाखड़ा डैम (Bhakra dam) के फ्लड गेट खोलने से रोपड़ के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। 14 अगस्त को भाखड़ा में पानी का स्तर खतरे के निशान से 2 फीट नीचे था। रोपड़ का शाहपुर बेला गांव चारों तरफ पानी से घिर गया है। ग्रामीणों का सरकार पर आरोप है कि उन्हें ना तो पानी छोड़ने के बारे में कोई सूचना दी गई और ना ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

वहीं, ब्यास नदी पर बने पौंग डैम (Pong Dam in Beas River) के फ्लड गेट खोलने से नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके कारण होशियारपुर जिले के चकमीरपुर के पास धुस्सी बांध टूट गया। इसकी वजह से आसपास के गांवों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है।

भाखड़ा (Bhakra) का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास

भाखड़ा का जलस्तर 14 अगस्त की शाम तक 1678 फीट तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से मात्र 2 फीट ही नीचे था। हालात को देखते हुए डैम के फ्लड गेट्स उठा दिए गए। ये गेट कितने ऊंचे उठाए गए हैं, इसके बारे में अभी कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, 1988 में यह गेट 4 फीट तक खोले गए थे।

वहीं, भाखड़ा डैम (Bhakra dam) से पानी छोड़े जाने की फोटो लेने की किसी को इजाजत नहीं है। वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

NDRF की टीमों ने संभाला मोर्चा

गांवों व निचले इलाकों में पानी भर जाने की सूचना के बाद कुछ जगहों पर NDRF की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। शहीद जितेंद्र कुमार का घर भी पानी से घिर चुका है। परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कुछ समाजसेवी उनके घर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

पौंग डैम (Pong Dam) से छोड़ा गया तकरीबन 1.50 लाख क्यूसेक पानी

पौंग डैम में 15 अगस्त को जलस्तर 1400 फीट के पार हो गया। डैम से तकरीबन 1 लाख 45 हजार 785 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें टरबाइन से 17,312 क्यूसेक और फ्लड गेट से 1,25,473 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

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