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हिमाचल: आग की भेंट चढ़ गया सबकुछ, तन पर पहने कपड़ों के सिवाय कुछ भी नहीं बचा

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी की गाड़ापारली पंचायत के अति दुर्गम गांव मझाण में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे भीषण अग्निकांड में आधा गांव जलकर राख हो गया। इस घटना में देवता राई नाग का प्राचीन मंदिर भी जल गया है। हालांकि, ग्रामीणों ने जान पर खेलकर देवता के रथ को बचा लिया है। गांव में 30 में से 15 घर जल गए हैं। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है।

करोड़ों रुपये के ये सभी घर काष्ठकुणी (लकड़ी) शैली से बनाए गए थे। आग की लपटें देखकर पूरे गांव में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। गांव से सड़क दस किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पीने के लिए पानी भी नहीं है। पूरा गांव एकमात्र प्राकृतिक जलस्रोत पर निर्भर है। ऐसे में ग्रामीणों ने खेतों से मिट्टी खोदकर जलते आशियानों पर फेंकी लेकिन देखते ही देखते 15 घर राख के ढेर में बदल गए।

इस गांव में मोबाइल सिग्नल भी नहीं है। लिहाजा, दूसरे गांववालों से भी मदद नहीं मांगी जा सकी।  उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि एसडीएम बंजार की अगवाई में प्रशासन की एक टीम मौके के लिए भेजी गई है। रविवार को वह खुद घटनास्थल का दौरा करेंगे।

मझाण गांव में शनिवार को भी रोज की तरह सब सामान्य चल रहा था। दो दिन की छुट्टी होने के कारण गांव से बाहर काम करने वाले लोग और स्कूली बच्चे भी घर आए थे। एकाएक गांव के बीच से धुआं उठने लगा। लोग समझे कि खेतों में कुछ जलाया जा रहा होगा। तभी महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से गांव में पसरा सन्नाटा टूटा। जिन घरों को ग्रामीण निहारते नहीं थकते थे। उन घरों की हालत डरावनी हो चुकी थी।

ग्रामीण राजेंद्र कुमार, पविंद्र कुमार, दिनेश, फता चंद, जगदीश, जवाहर लाल, निमत राम और लिखत राम ने बताया कि गांव में आग लगने से ग्रामीण सदमे में है। सर्द मौसम में अब पालतू पशुओं के साथ खुले आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ेगी। गनीमत यह रही कि आग में किसी जान का कोई नुकसान नहीं हुआ। 

ग्रामीणों ने बताया कि सरकार से सड़क, पानी और सिग्नल के लिए कई बार गुहार लगाई। कई बार प्रतिनिधिमंडल जनप्रतिनिधियों से मिला। लेकिन हर बार उन्हें अनसुना कर दिया गया। गांव में यह सुविधाएं होती तो आग से घर बच सकते थे। अब राख का ढेर देखकर रोने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। ग्रामीण अपने तन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा पाए।

पंचायत के पूर्व प्रधान भाग चंद ने बताया कि आग से मझाण गांव में 15 घर पूरी तरह से जल गए हैं। इसमें देवता राई नाग का प्राचीन मंदिर भी जल गया है।

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