HomeNews | समाचारभारतबेहद सुरक्षित माना जाता है क्रैश होने वाला हेलीकॉप्टर Mi-17V-5, PM सहित...

बेहद सुरक्षित माना जाता है क्रैश होने वाला हेलीकॉप्टर Mi-17V-5, PM सहित VVIP करते हैं सवारी

नई दिल्ली: तमिलनाडु के कुन्नूर में सेना का जो हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है वो कोई आम हेलिकॉप्टर नहीं था। वो Mi-17V-5 हेलिकॉप्टर था, जिसे सैन्य इस्तेमाल के लिहाज काफी उन्नत माना जाता है. जिसका इस्तेमाल ट्रूप और आर्म्स ट्रांसपोर्ट, फायर सपोर्ट, एस्कॉर्ट, पेट्रोलिंग और सर्च-एंड-रेस्क्यू (SAR) मिशन के लिए भी किया जाता है। भारत में कई वीवीआईपी इसका इस्तेमाल करते हैं। आइए आपको बताते हैं, इस हेलिकॉप्टर की विशेषताएं।

बुधवार को कुन्नूर में सेना का Mi-17V-5 हादसे का शिकार हुआ है। उसमें सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 14 लोग सवार थे। जिनमें से 13 लोगों की मौत हो गई। वायुसेना ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

Mi-17V-5 एक वीआईपी हेलिकॉप्टर माना जाता है। यह Mi-8/17 जनरेशन का एक सैन्य परिवहन संस्करण है। जिसका निर्माण रशियन हेलिकाप्टर्स की सहायक कंपनी कज़ान हेलिकॉप्टर करती है। इसके केबिन के अंदर और बाहरी स्लिंग को कार्गो परिवहन के लिहाज से डिज़ाइन किया गया है। Mi-17V-5 दुनिया के सबसे उन्नत परिवहन हेलिकाप्टरों में से एक है।

फरवरी 2013 में आयोजित एयरो इंडिया शो के दौरान भारतीय रक्षा मंत्रालय (MoD) ने 12 Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर 2008 में 80 हेलिकॉप्टरों के लिए रूसी हेलिकॉप्टर कंपनी के साथ 1.3 अरब डॉलर का अनुबंध दिया था। जिसके तहत 36 हेलिकॉप्टर 2013 की शुरुआत में आ गए थे।

रोसोबोर्न एक्सपोर्ट और भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 2012 और 2013 के दौरान 71 Mi-17V-5 हेलिकॉप्टरों के लिए फिर से समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। नए आर्डर 2008 में किए गए अनुबंध का हिस्सा थे। रोसोबोर्न एक्सपोर्ट ने जुलाई 2018 में भारत को Mi-17V-5 सैन्य परिवहन हेलिकाप्टरों की अंतिम खैप सौंपी थी भारतीय वायु सेना ने अप्रैल 2019 में Mi-17V-5 हेलिकॉप्टरों की मरम्मत और ओवरहाल फेसीलिटि की शुरुआत कर दी थी।

हेलिकाप्टर की विशेषताएं

Mi-17V-5 मीडियम-लिफ्टर को Mi-8 एयरफ्रेम के आधार पर डिजाइन किया गया था। इस हेलिकॉप्टर ने अपने पुराने मॉडल के उत्कृष्ट प्रदर्शन और विशेषताओं को बरकरार रखा ये हेलिकॉप्टर उष्णकटिबंधीय और समुद्री जलवायु के साथ-साथ रेगिस्तानी इलाकों में भी उड़ान भर सकता है।

इस हेलिकॉप्टर का बड़ा केबिन खास है। जिसमें 12.5m² का फ्लोर एरिया और 23m³ का स्पेस है। इसमें पोर्टसाइड दरवाजा और पीछे की तरफ जाने वाला रैंप सैनिकों और कार्गो के प्रवेश और निकास को आसान बना देता है। यह हेलीकॉप्टर विस्तारित स्टारबोर्ड स्लाइडिंग डोर, रैपलिंग और पैराशूट उपकरण, सर्चलाइट, FLIR सिस्टम और आपातकालीन प्लवनशीलता प्रणाली से लैस है।

इस हेलिकॉप्टर का अधिकतम टेकऑफ़ वजन 13,000 किलोग्राम है। यह 36 सशस्त्र सैनिकों को एक साथ ले जाने में सक्षम है। साथ ही एक गोफन पर 4,500 किलोग्राम भार ले जा सकता है। इसका ग्लास कॉकपिट अत्याधुनिक एवियोनिक्स से लैस है, जिसमें चार मल्टीफ़ंक्शन डिस्प्ले (MFDs), नाइट-विज़न उपकरण, एक ऑन-बोर्ड वेदर रडार और एक ऑटोपायलट सिस्टम शामिल हैं। उन्नत कॉकपिट पायलटों के कार्यभार को कम करता है। इसके अलावा भारत के लिए खास तौर पर बनाए गए Mi-17V-5 हेलीकॉप्टर में नेविगेशन, सूचना-डिस्प्ले और क्यूइंग सिस्टम भी शामिल हैं।

Mi-17V-5 हेलिकॉप्टर में शट्रूम मिसाइल, एस-8 रॉकेट, एक 23mm मशीन गन, पीकेटी मशीन गन और एकेएम सब-मशीन गन से लैस है। इसमें हथियारों को निशाना बनाने के लिए आठ फायरिंग पोस्ट हैं। इस हेलीकॉप्टर से दुश्मनों, बख्तरबंद वाहनों, भूमि-आधारित लक्ष्यों, गढ़वाले अग्नि चौकियों और गतिमान लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।

इसका कॉकपिट और महत्वपूर्ण अंग बख्तरबंद प्लेटों से ढकें हैं। गनर की सुरक्षा के लिए पिछली मशीन गन के एरिया को भी बख़्तरबंद प्लेटों से सुरक्षित किया गया है। इसके सीलबंद ईंधन टैंक में फोम पॉलीयूरेथेन से भरे हुए हैं और यह विस्फोटों से सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर में इंजन-एग्जॉस्ट इंफ्रारेड (IR) सप्रेसर्स, एक फ्लेयर्स डिस्पेंसर और एक जैमर शामिल हैं। ये हेलिकॉप्टर अधिकतम 6,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments