किसानों की किस्मत के साथ कुदरत खेल रहा है कई खेल, कभी कोरोना का कहर, कभी मौसम की मार

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आनी (टी सी शर्मा)। आनी उपमंडल के किसान बागवान सहित आम जनमानस भारी आर्थिक तंगी झेल रहा है।कोरोना कहर के चलते लाखों करोड़ों लोग बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। वर्तमान समय में किसान बागवान को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। किसान बागवान आगामी फसलों जैसे आलु ,गोभी, पत्तागोभी, प्लम, टमाटर, सेब और नाशपाती को पूर्ण रूप से तैयार करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है।

पिछले दिन उपमंडल आनी की टकरासी पंचायत में मौसम ने ऐसी करवट ली कि एकायक अंधेरा छा गया। देखते ही देखते मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि का तांडव शुरू हुआ, लगभग एक घंटे तक हुईं ओलावृष्टि ने समूची पँचायत में फसल का विनाश हो गया। किसान बागवानों की फसलें धराशाई कर दी गई। सेब, मटर, आलू गोभी, पत्तागोभी, टमाटर, प्लम, नाशपाती में ओला वृष्टि से लोगों की तबाह फसल से करोड़ों रुपए का व्यापार को नुकसान पहुंचा है।

सैंकड़ो छोटी बड़ी गाड़ियां क्षेत्र से सेब,मटर, आलू गोभी, पत्तागोभी, टमाटर प्लम और नाशपाती प्रदेश सहित दुसरे राज्यों में भेजा जाता है। मगर एक घंटे की ओलावृष्टि ने सब कुछ तहस-नहस कर के रख दिया। इससे क्षेत्र के पचासों किसान बागवानों ने रुंधे गले से बताया कि कि इस वर्ष तकरीबन सभी फसलों की बंपर पैदावार हुई थी।

कल तक सब कुछ अच्छा था अचानक शाम चार बजे भयंकर आंधी व ओलावृष्टि ने सब कुछ तहस नहस कर के रख दिया। अब क्षेत्र के किसान बागवानों दाने दाने को मोहताज हो गया है। आनी उपमंडल के किसान बागवानों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि किसान बागवानों के हुए नुकसान का आकलन करवाया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

किसान बागवानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि राजस्व विभाग को नुक्सान के सही आकलन का आदेश दे दिया जाए तो नियमानुसार उचित मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाएगा।

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