HomeNews | समाचारहिमाचलहिमाचल: भाजपा ने किस पर जताया विश्वास, किसका काटा टिकट, जानें

हिमाचल: भाजपा ने किस पर जताया विश्वास, किसका काटा टिकट, जानें

शिमला: कांग्रेस के बाद बीजेपी ने भी देर रात अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने टिकटों में उलटफेर कर सम्भावित चेहरों के स्थान पर नये चेहरों पर दांव लगाया है। मंडी संसदीय सीट से ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर को टिकट दिया है। अर्की विधानसभा सीट से रत्तन पाल, फतेहपुर से बलदेव ठाकुर और जुब्बल-कोटखाई से नीलम सरैइक को टिकट मिला है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इन सभी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के विजयरथ को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दें।

जुब्बल-कोटखाई से भाजपा नेता कई दिनों से पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के पुत्र चेतन बरागटा को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में थे। चेतन बरागटा को लेकर भाजपा नेता क्षेत्र में कई जनसभाएं भी कर चुके हैं, लेकिन अंतिम समय में पार्टी हाईकमान ने नीलम पर भरोसा जताते हुए उपचुनावों में एक महिला उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है।

नीलम सरैइक तीन बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। इसके अलावा जिला शिमला महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और महिला मोर्चा राज्य सचिव के पद पर भी काम कर चुकी हैं।

फतेहपुर से भाजपा ने पूर्व सांसद कृपाल परमार का टिकट काटकर बलदेव ठाकुर को चुनाव में उतारा है। वहीं, अर्की विधानसभा सीट से भाजपा ने पूर्व प्रत्याशी रतन पाल सिंह पर ही विश्वास जताया है। रतन पाल सिंह 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्व.वीरभद्र सिंह से सात हजार से भी कम वोटों से हारे थे। रतन पाल सिंह वर्तमान में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा स्टेट को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड के चेयरमैन भी हैं।

अगर मंडी संसदीय सीट की बात करें तो बीजेपी ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर पर विश्वास जताया है। खुशहाल ठाकुर मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले नगवाईं गांव के निवासी हैं। इनके नेतृत्व वाली 18 ग्रेनेडियर ने ना केवल टाइगर हिल और तोलोलिंग पर विजय पताका फहराया था, बल्कि कारगिल युद्ध की जीत का रास्ता भी तैयार किया था। उनकी टीम ने 20 मई 1999 को तोलोलिंग की चोटी पर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी फौज को खदेड़ा है। इसके लिए 8 हजार फीट की ऊंचाई और पथरीली सीधी चढ़ाई, माइनस डिग्री तापमान में छिपने के लिए सिर्फ पत्थर थे। 12 और 13 जून की रात को तोलोलिंग चोटी को फतह किया।

खुशहाल ठाकुर का जन्म नौ सितंबर 1954 को हुआ है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई के बाद इन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स दिल्ली से मानवाधिकार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है।

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