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‘लाश की राजनीति’ परिवार का संस्कार है: हंसराज

शिमला: टिकट का ऐलान होते ही विक्रमादित्य सिंह अपने पिता को श्रद्धांजलि के बदले वोट मांग कर ट्रोल हो रहे हैं। इसी कड़ी में पहले से चल रहे एक विवाद में डिप्टी स्पीकर डॉ हंस राज ने उनपर बड़ा हमला बोला है।

डिप्टी स्पीकर डॉ हंस राज ने विक्रमादित्य सिंह को पिता की लाश पर राजनीति करने वाला राजनीतिक गिद्ध करार दे दिया है। इन दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग अक्सर चलती रहती है।

बता दें कि वीरभद्र सिंह के निधन के बाद डॉ हंस राज ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी में अब छिंज पड़ गई है। स्थानीय चुराही भाषा में छिंज का अर्थ टूट-फूट होता है। इसको लेकर खासा विवाद हुआ था और विक्रमादित्य ने 15 जुलाई को पोस्ट करते हुए लिखा था कि ‘श्री हंस राज जी विधायक के घर में संस्कारों की कमीं लगती हैं, हमारी संवेदनाएँ।

उक्त बयान का पलटवार करते हुए डॉ हंस राज ने एक पोस्टर साझा किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘लाश की राजनीति’ परिवार का संस्कार है.. 
#राजनीतिक_गिद्ध

वह आगे लिखते हैं, ‘मैं एक नल फिटर का बेटा हूं,, गरीब आदमी एक वक्त की रोटी कम खाता है लेकिन अपने बच्चों को संस्कार और शिक्षा जरूर देता है। जब श्रद्धांजलि देने की बात थी तब कोरोना काल होने के बावजूद आम जनता समेत पूरा भाजपा परिवार उनके साथ खड़ा था।  राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जी पहुंचे थे। CM जयराम ठाकुर पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे।’

उन्होंने आगे लिखा कि आज चुनाव की बेला आते ही परिवार का संस्कार दिखने लगा। पिता की लाश पर भी राजनीति करने लगे। गरीब मजदूर के बेटे श्री जयराम ठाकुर के पिता का दिया ये संस्कार था कि वीरभद्र जी की अंतिम यात्रा में कोई कमी नहीं रहने दी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी शिमला में हफ़्तों रह कर गईं लेकिन श्रद्धांजलि देने आपके घर नहीं पहुंची। लेकिन धूमल जी और अनुराग जी के ये संस्कार थे कि आपके घर पहुंच आपके शोक में भागीदार बने।

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