उपचुनाव ने बदल दिया मंडी का रंग- अनिल शर्मा का गेम ओवर, निर्दलीय को एंट्री

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मंडी: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को चारों खाने चित्त कर दिया है। एक लोकसभा व तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में भाजपा को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। उपचुनावों में भाजपा को सबसे बड़ा झटका मंडी संसदीय सीट पर लगा हैं। मंडी में कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा सिंह ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रतिभा सिंह ने भाजपा उम्मीदवार ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को हराकर जीत हासिल की है।

वहीं, अब सीएम जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र मंडी में मिली हार से मंडी लोकसभा क्षेत्र का रंग रूप पूरी तरह से बदलने वाला है। दरअसल, इन उपचुनावों में जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे और भाजपा विधायक अनिल शर्मा को पार्टी ने हाशिए पर धकेल रखा है। अगले साल होने वाले चुनावों में अनिल शर्मा का टिकट कटना तय माना जा रहा है। अनिल शर्मा के सहयोग और प्रचार के बिना भी मंडी विधानसभा क्षेत्र ने बीजेपी को तीन हजार से अधिक मतों की बढ़त मिली है।

वहीं, मंडी लोकसभा उपचुनाव में दूसरे भाजपा विधायकों से आगे निकलकर सात हजार से अधिक की बढ़त दिलाने वाले जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक प्रकाश राणा को अगले विधानसभा चुनावों में भाजपा का टिकट मिलने की संभावना है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भले ही मोदी लहर थी, मगर प्रकाश राणा के विधानसभा क्षेत्र ने रिकार्ड मतों की बढ़त प्रदान की थी। जिसके बाद अब उपचुनाव में भी सराज के बाद जोगिंद्रनगर ही पूरे मंडी जिले में टॉप पर रहा। जाहिर है इससे प्रकाश राणा का कद काफी बढ़ गया है।

उधर, सुंदरनगर, नाचन, बल्ह, द्रंग विधानसभा क्षेत्र के असली भाजपाई विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ साबित नहीं कर पाए। हालत ये रही कि 2017 के विधानसभा चुनाव में दस हजार के अंतर से जीतकर आने वाले विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

राकेश जम्वाल, विनोद कुमार, कर्नल इंद्र सिंह ठाकुर, जवाहर ठाकुर की सियासी असफलता के कारण लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। अब ऐसे में माना जा रहा है कि इन मौजूद विधायकों पर भी पार्टी द्वारा गाज गिराई जा सकती है।

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