हिमाचल: सब कुछ पटरी पर लाने में लग जाएगा एक साल, इस हफ्ते 60 लोगों की गई जान

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हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) ने बुधवार को कहा कि इस मानसून के दौरान राज्य में हुई भारी बारिश के कारण तबाह हुए बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में एक साल लग जाएगा। सीएम सुक्खू ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारी बारिश के कारण हुआ अनुमानित नुकसान दस हज़ार करोड रुपए है

इस हफ्ते राज्य में बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं हुई जिनके चलते सड़कें बंद हो गई और घर ढह गए। करीब 60 लोगों की मौत हो गई और कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इससे पहले जुलाई के दूसरे हफ्ते में भी राज्य में भारी बारिश हुई थी।

सीएम ने कहा कि सड़कों और जल परियोजनाओं के पुनर्निर्माण में समय लगता है लेकिन सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है। उन्होंने कहा, “हमें एक साल में बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बहाल करना होगा। मैं इसी को ध्यान में रखकर काम कर रहा हूँ। यह एक बड़ी चुनौती है। पहाड़ जैसी चुनौती है। लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि जगह-जगह इमारतें जल प्रवाह के प्राकृतिक मार्ग को बाधित करती है, और सरंचनाओं को तैयार करने पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है। सीएम ने कहा, “नदी घरों में नहीं घुसती, घर नदी के रास्ते में आते हैं। उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से सड़कों को चौड़ा किया जाना इस तबाही में एक अहम कारण है। सुक्खू ने कहा कि ज्यादातर भूस्खलन सड़कों के किनारे नहीं हुए।

सीएम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लाहौल-स्पीति में पहले कभी ऐसी बारिश नहीं हुई। सुक्खू ने इंटरव्यू के दौरान संकेत दिया कि नए दिशानिर्देश जारी करके भवन निर्माण नियमों का सख्त कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार के मानदंडों में बदलाव की अपील भी की। सीएम ने कहा कि पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर के लोगों को और ज्यादा मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार 1.5 लाख रुपए देती है। यह कुछ भी नहीं है।

सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर दिया जाता है क्योंकि संसद में इसका प्रतिनिधित्व कम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य को विशेष पैकेज देना चाहिए क्योंकि यह उत्तर भारत का फेफड़ा है।

सुक्खू ने पर्यटकों से हिमाचल प्रदेश की यात्रा जारी रखने का आग्रह करते हुए कहा कि शिमला और कांगड़ा घाटी की टूटी सड़कों को बहाल किया जाएगा। उन्होंने पर्यटकों से दीवाली और नया साल राज्य में मनाने का अनुरोध करते हुए कहा मॉनसून के बाद कभी भी आएं।

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